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इन बातों के ध्यान में रखकर काम करें तो असफलता मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है।


  1. पहली बात - यह समय कैसा है। वह व्यक्ति समझदार और सफल है जिससे इस प्रश्न का उत्तर हमेशा मालूम रहता है ।समझदार व्यक्ति जानता है कि वर्तमान समय कैसा चल रहा है अभी सुख के दिन हैं या दुख के इसी के आधार पर वह कार्य करता है यदि सुख के दिन है तो अच्छे कार्य करते रहना चाहिए और यदि दुख के दिन है तो अच्छे काम करें के साथ धैर्य बनाए रखना चाहिए दुख के दिन में धैर्य खोने पर अनर्थ हो सकता है
  2. दूसरी बात - हमारे मित्र कौन-कौन हैं। हमें यह मालूम होना चाहिए कि हमारे सच्चे मित्र कौन-कौन हैं और मित्रों के वेश में सूत्र कौन-कौन है शत्रु शत्रुओ को तो हम जानते हैं और उनमें से बचाते हुए ही कार्य करते हैं लेकिन मित्रों के वेश में छिपे शत्रु को पहचानना बहुत जरूरी है यदि मित्र में छिपे शत्रु को नहीं पहचान पाए तो कार्यों में असफलता ही मिलेगी ऐसे लोगों से भी बचना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि सच्चे मित्र कौन है क्योंकि सच्चे मित्र की मदद लेने पर ही सफलता मिल सकती है। यदि गलती से मित्र बने हुए शत्रु से मदद मांगली तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है
  3. तीसरी बातें -  यह देश कैसा है। जहां हम काम करते हैं वह स्थान शहर और वहां के हालात कैसे हैं कार्यस्थल पर काम करने वाले लोग कैसे हैं। इन बातों पर ध्यान रखते हुए काम करेंगे तो असफल होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
  4. चौथी बात - हमारी आय और व्यय की सही जानकारी। समझदार इंसान वही है जो अपनी आय और व्यय की सही जानकारी रखता है व्यक्ति को अपनी आय दखकर ही खर्च करना चाहिए जो लोग अपनी आय से अधिक खर्च करते हैं वह परेशानियों से अवश्य फसते हैं अतः धन संबंधी सुख पाने के लिए कभी आय से अधिक व्यय नहीं करना चाहिए आय से कम खर्चे होंगे तो थोड़ा थोड़ा ही सही पर धन संचय हो सकता है।
  5. पांचवी बात - मैं किसके अधीन हूं।  हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हमारा प्रारंभिक कंपनी संस्था या बॉस हमसे क्या चाहता है आप ठीक वैसे ही काम करें जिससे संस्था का लाभ मिलता है यदि संस्थान को लाभ होगा तो कर्मचारियों को पिला मिलेगी।
  6. अंतिम बात - मुझ में कितनी शक्ति है। अंतिम बा सबसे जरूरी है हमें यह मालूम होना चाहिए कि हम क्या क्या कर सकते हैं वही काम हाथ में लेना चाहिए जिससे पूरा करने का सामर्थ हमारे पास है यदि शक्ति से अधिक काम हम हाथ में ले लेंगे तो असफल होना तय है ऐसी परिस्थितियों में कार्यस्थल को समाज में हमारी छवि पर बुरा असर होगा।

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